सोन पुलिस

गुरुवार, 14 अक्टूबर 2010

rakesh: नागिरकता

नागिरकता
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lal salam
बस जुल्म सहन नहीं होता , जब भी दिल नें गम को झेला ,आंसू निकल पड़े आखों से गीतप्रस्फुटित हुवा है तब तब कोई नया मेरी सासों
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